जिसे हॉर्वर्ड ने 10 बार रिजेक्ट किया, वो चीन का सबसे धनी शख्स बना


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अगर आप इंटरनेट के बारे में जरा भी जानते हैं तो यकीनन अलीबाबा का नाम सुना होगा। हम बात कर रहे हैं चीन के मशहूर उद्योगपति जैक मा द्वारा स्थापित कंपनी अलीबाबा की। आज इसकी गणना विश्व की बड़ी कंपनियों में होती है और जैक मा दुनिया के सबसे ज्यादा धनी लोगों की सूची में शामिल हैं, पर एक वक्त था जब जैक को हर जगह रिजेक्ट किया जा रहा था।  

तब जैक जहां नौकरी के लिए आवेदन करते, उन्हें नकार दिया जाता। जैक मा का जन्म 10 सितम्बर 1964 को चीन के हांगजोऊ में हुआ था। उनके माता-पिता बहुत साधारण आर्थिक पृष्ठभूमि से थे। वे चीन के परंपरागत नाटक और कहानियां सुनाकर गुजारा किया करते थे।

स्कूली दिनों से ही जैक अंग्रेजी में दिलचस्पी लेने लगे। वे कई बार होटलों की ओर चले जाते जहां विदेशी पर्यटकों से अंग्रेजी में बातचीत की कोशिश करते। वे स्थानीय गाइड का काम करने लगे। इससे उन्हें अंग्रेजी भाषा सीखने में मदद मिली। साथ ही विदेशी संस्कृति से परिचय हुआ।

हालांकि जैक शुरुआती पढ़ाई में बहुत अच्छे नहीं थे। पांचवीं कक्षा में वे दो बार फेल हुए। इसी प्रकार आठवीं में तीन बार फेल हुए। उन्होंने कई विश्वविद्यालयों की प्रवेश परीक्षाएं दीं, जहां उन्हें निराशा ही मिली। हॉर्वर्ड यूनिवर्सिटी ने तो उन्हें 10 बार रिजेक्ट किया। 

एक बार वे केएफसी में इंटरव्यू देने गए। कुल 24 लोगों ने उस पद के लिए आवेदन किया था। जब परिणाम आया तो पता चला कि 23 उम्मीदवारों का चयन हो गया है। जैक को एक बार फिर रिजेक्ट कर दिया गया। 

इन सबके बावजूद जैक ने हार नहीं मानी। वे लगातार अपनी गलतियों से सीखते चले गए। वर्ष 1994 में वे अमेरिका गए। उस वक्त वे इंटरनेट के बारे में ज्यादा नहीं जानते थे। उन्होंने इंटरनेट पर बीयर (भालू) शब्द सर्च किया। रिजल्ट में कई देशों के भालू​ दिखाए गए, पर चीन का कोई भालू नहीं था। उन्होंने चीन के बारे में काफी चीजें सर्च कीं जिनमें से अधिकांश नहीं मिलीं।

इन परिणामों से जैक ने अनुमान लगाया कि इंटरनेट के जरिए चीन में काफी कुछ किया जा सकता है। उन्होंने कुछ वेबसाइट्स बनाईं और सीखते गए। उन्हें सबसे ज्यादा कामयाबी अलीबाबा में मिली जो आज एक विशाल ई-काॅमर्स कंपनी है। इसमें हजारों लोग काम करते हैं। 

अपने संघर्ष और कामयाबी पर जैक मा कहते हैं - कभी हार न मानो। आज का दिन कठिन है, कल और भी बदतर होगा, लेकिन परसों सुनहरी धूप खिलेगी।


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