16 साल की इस लड़की की बातें दिग्गज सीईओ ध्यान से क्यों सुन रहे हैं?


Image Courtesy - Stars And Stripes 

प्लास्टिक के इस्तेमाल से हमारी ज़िंदगी आसान हुई है लेकिन कई बार ऐसा भी हुआ जब यह पर्यावरण के लिए बड़ी चुनौती बन गया। इसलिए दुनियाभर में प्लास्टिक के कम से कम इस्तेमाल और उसके सही ढंग से निस्तारण के लिए काफी चर्चा हो रही है। कई लोगों ने तो धरती बचाने के लिए एक अभियान चला दिया है। 

बदलाव के इन्हीं पैरोकारों में शामिल हैं शैल्बी ओ. नील, जिन्होंने महज 16 साल की उम्र में धरती बचाने की वह मुहिम छेड़ रखी है। उनका जिक्र कई देशों के मीडिया में हो रहा है। शैल्बी ने प्लास्टिक का उपयोग रोकने की अपील की है। कई लोगों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया लेकिन कुछ कंपनियां आगे आईं और उन्होंने इस मुहिम में भाग लेते हुए इसे सराहा।

उनकी अपील के बाद कई बड़ी कंपनियों ने प्लास्टिक स्ट्रा का उपयोग बंद या बहुत कम कर दिया है। वे अब इसका विकल्प ढूंढ़ रही हैं, क्योंकि प्लास्टिक स्ट्रा से पर्यावरण को काफी नुकसान होता है। शैल्बी ने एक साल पहले डिग्निटी हैल्थ, जो सैन फ्रांसिस्को में स्थित है, के सीईओ को ईमेल किया।

शैल्बी ने उनका ध्यान कंपनी के एक विज्ञापन की ओर दिलाया, जिसमें एक शख्स बर्थडे केक पर लगी कैंडल को प्लास्टिक स्ट्रॉ से बुझा रहा होता है। शैल्बी ने सीईओ को बताया कि प्लास्टिक स्ट्रा समुद्र को प्रदूषित करने वाली सबसे बड़ी वजहों में से एक है। वैज्ञानिक अध्ययन बताते हैं कि अगर मानव ने अपनी आदतें नहीं बदलीं और यूं ही प्लास्टिक स्ट्रा का अंधाधुंध इस्तेमाल करता रहा, तो 2050 तक महासागरों में मछली से ज्यादा प्लास्टिक होगा। 

सीईओ ने इस मामले की गंभीरता पर ध्यान देते हुए वह विज्ञापन हटा लिया और शैल्बी को धन्यवाद कहा। इसके बाद कई कंपनियों और संस्थाओं ने शैल्बी की मुहिम में साथ दिया तथा पर्यावरण बचाने के लिए आगे आईं। 

एक इंटरव्यू में शैल्बी ने बताया कि अपने काम पर पूरा यकीन होना चाहिए। अगर हम जो करने जा रहे हैं, उससे समाज में बेहतर बदलाव आएगा तो यकीनन लोग आपकी बातों पर गौर करेंगे। उसमें उम्र कोई मायने नहीं रखती। 

शैल्बी की यह मुहिम वास्तव में काबिले-तारीफ है। हमें भी पर्यावरण की रक्षा के लिए हरसंभव कदम उठाना चाहिए, क्योंकि पर्यावरण सुरक्षित होगा, तो ही मानव का जीवन सुरक्षित होगा। 


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